भुजंगासना योग
भुजंगासन नाम दो संस्कृत शब्दों से आया है| भुजंग जिसका अर्थ है 'साँप' या 'कोबरा' और आसन जिसका अर्थ है 'आसन' या 'सीट'। इस मुद्रा को सर्प मुद्रा(cobra pose) भी कहा जाता है।
भुजंगासना करने की विधि
- सबसे पहले आप मैट पर पेट के बल लेटेंगे |
- अब अपने पैरों को ठीक से मजबूत करें। पैर की उंगलियों को बाहर की ओर रखें क्यूंकि ऐसा करने से कमर पर दाव(pressure) नहीं आएगा |
- हथेली को कंधे के पास नहीं बल्कि छाती के बगल में रखें |
- कोहनी को शरीर से दूर नहीं रखना बल्कि शरीर के साथ चिपका कर रखना हैं |
- माथा नीचे रखें और शरीर को शिथिल रखें। अब धीरे-धीरे सांस लेते हुए पहले माथा उठाएं, फिर गर्दन और अंत में कंधों को मोड़ें।
- सांस भरते हुए अपने सिर को अपने नाभि क्षेत्र तक उठाएं |
- अब धीरे से गर्दन को अपनी पीठ के बल ले जाएं, जिससे आपका आसन सांप या सांप जैसा हो जाए। अपनी नाक से सांस लें और ऊपर देखें।
- हाथ को पूरा सीधा न करें ,कोहनी से थोड़ा मोड़कर रखें | हाथ सीधा रखने से कमर में दर्द बढ़ेगा और आपके हृदय और फेंफड़ों को फायदा नहीं पहुँच पाएगा
- 20-25 सेकंड के लिए रुकें।
- अब ठीक से सांस लें और अपनी छाती, कंधे, नाभि और माथे को नीचे करें।
- अपने हाथों को अपने सिर के नीचे रखें और 25,30 सेकंड के लिए आराम करें।
- प्रक्रिया को ३ से ५ बार दोहराएं |
भुजंगासना के लाभ
- यह आसन मांसपेशियों, कंधे, छाती और पेट को स्ट्रेच करने में मदद करता है
- यह बाहों और कंधों को मजबूत करता है।
- यह लचीलापन बढ़ाता है।
- तनाव, अवसाद, चिंता प्रबंधन में मदद करता है।
- रक्त परिसंचरण और ऑक्सीजन में सुधार करता है
- पाचन में सुधार करता है, रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है।
- भुजंगासन वास्तव में मासिक धर्म में ऐंठन और दर्द से राहत दिलाने में मददगार है। साथ ही यह मासिक धर्म की अशुद्धियों को भी नियंत्रित करता है।
- यह आसन आपको सभी नकारात्मक भावनाओं को खत्म करने में मदद करता है।
- यह आसन आपकी पेट की चर्बी को कम करने में मदद करता है|
भुजंगासन करने से किसे बचना चाहिए
- जो लोग स्पॉन्डिलाइटिस जैसी गंभीर गर्दन की बीमारी से पीड़ित हैं |
- रीढ़ की हड्डी का गंभीर ऑपरेशन या चोट लगने पर कोबरा आसन नहीं करना चाहिए |
- अगर आप गर्भवती हैं तो भुजंगासन न करें |
- अगर आपने हाल ही में पेट की सर्जरी कराई है तो इसे न आजमाएं |
- जिस व्यक्ति को कार्पल टनल सिंड्रोम या कलाई की कोई अन्य समस्या है, उसे इससे पूरी तरह बचना चाहिए |
- अगर आपको सिरदर्द की गंभीर समस्या है, तो माइग्रेन जैसे किसी आसन को करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें |
निष्कर्ष
भुजंगासन से आप अपनी पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत बना सकते हैं। यह चयापचय(metabolism) में भी सुधार करता है। हमें उम्मीद है कि इस लेख ने आपको भुजंगासन के बारे में सारी जानकारी दी है।
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